CAG की नौकरी छोड़ बनीं IPS किरन यादव, UPSC में हासिल की 392वीं रैंक, अब इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड गैंग का किया भंडाफोड़

By: Anjali Almiya

On: July 4, 2026

IPS किरन यादव की सफलता की कहानी – CAG की नौकरी छोड़कर UPSC AIR 392 के साथ बनीं IPS अधिकारी

भारत में लाखों युवा UPSC परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखते हैं, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प का बेहतरीन उदाहरण बन जाती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है उत्तर प्रदेश कैडर की IPS अधिकारी किरन यादव की, जिन्होंने एक सुरक्षित सरकारी नौकरी छोड़कर अपने सपनों को पूरा किया और आज देश के सबसे चर्चित पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं।

हाल ही में लखनऊ में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करने के बाद IPS किरन यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनकी अगुवाई में हुई इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर क्राइम कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।

इस लेख में जानिए IPS किरन यादव की शिक्षा, परिवार, UPSC रैंक, करियर, पोस्टिंग और उनकी सफलता की पूरी कहानी।


कौन हैं IPS किरन यादव?

IPS किरन यादव भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की 2021 बैच की अधिकारी हैं। वर्तमान में वह लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) क्राइम के पद पर कार्यरत हैं।

साइबर अपराध, संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर उनकी कार्यशैली की काफी सराहना होती है। हाल के वर्षों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है।


सुल्तानपुर की बेटी हैं IPS किरन यादव

IPS किरन यादव का जन्म 3 मई 1987 को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के मोतिगरपुर क्षेत्र में हुआ था।

हालांकि उनके पिता की नौकरी चंडीगढ़ में होने के कारण परिवार का अधिकांश समय एसएएस नगर (मोहाली), पंजाब में भी बीता। बचपन से ही वह पढ़ाई में मेधावी थीं और हमेशा बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ीं।


शिक्षा (Education Qualification)

किरन यादव की शैक्षणिक उपलब्धियां काफी प्रभावशाली रही हैं।

उन्होंने—

  • बी.कॉम (ऑनर्स) किया।
  • ई-कॉमर्स में शिक्षा प्राप्त की।
  • चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की पढ़ाई पूरी की।

उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के कारण उन्हें सरकारी सेवा में भी अच्छा अवसर मिला।


CAG में ऑडिटर की नौकरी छोड़ चुना UPSC का रास्ता

IPS बनने से पहले किरन यादव नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के कार्यालय में ऑडिटर के पद पर कार्यरत थीं।

सरकारी नौकरी होने के बावजूद उनका सपना भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में जाना था। उन्होंने नौकरी के साथ UPSC की तैयारी शुरू की और लगातार मेहनत के दम पर सफलता हासिल की।

यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया।


UPSC में हासिल की 392वीं रैंक

वर्ष 2020 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में किरन यादव ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 392 प्राप्त की।

इस उपलब्धि के बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ।

इसके बाद उन्होंने 5 दिसंबर 2021 को आधिकारिक रूप से IPS सेवा जॉइन की।


हैदराबाद में लिया पुलिस प्रशिक्षण

चयन के बाद किरन यादव ने सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA), हैदराबाद में प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया।

उनकी सफलता की खबर जैसे ही सुल्तानपुर पहुंची, पूरे जिले में खुशी का माहौल बन गया।


परिवार ने हर कदम पर किया सहयोग

किरन यादव की सफलता में उनके परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

परिवार के सदस्य:

  • पिता: शत्रुघ्न सिंह यादव (इलेक्ट्रिकल इंजीनियर)
  • माता: मंजू यादव (गृहिणी)
  • भाई: सूरज यादव (कनाडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर)

परिवार के अनुसार, किरन ने हमेशा अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी को अपनी सबसे बड़ी ताकत माना।


IPS किरन यादव की पोस्टिंग

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी सेवाएं शुरू कीं।

उनकी प्रमुख जिम्मेदारियां—

  • लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में ACP के रूप में नियुक्ति
  • महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी
  • कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका
  • संगठित अपराधों पर कार्रवाई

बाद में उन्हें ADCP (Crime), Lucknow बनाया गया।

19 मार्च 2025 से वह इसी पद पर कार्यरत हैं।

साथ ही उन्हें 1 जनवरी 2025 से Senior Scale भी प्रदान किया जा चुका है।


इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड गैंग का किया बड़ा खुलासा

हाल ही में लखनऊ पुलिस को सूचना मिली कि गोमती नगर स्थित एक व्यावसायिक भवन में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है।

सूचना के आधार पर IPS किरन यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त छापेमारी की।

इस कार्रवाई के दौरान—

  • 119 लोगों को हिरासत में लिया गया।
  • इनमें 92 युवक और 27 युवतियां शामिल थीं।
  • 100 लैपटॉप बरामद हुए।
  • 178 मोबाइल फोन जब्त किए गए।
  • कई कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।

कैसे करते थे साइबर ठगी?

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह गिरोह—

  • खुद को टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बताता था।
  • बैंक अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करता था।
  • कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर विदेशी नागरिकों को झांसे में लेता था।
  • बैंकिंग और डिजिटल भुगतान के माध्यम से लाखों रुपये की ठगी करता था।

पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क प्रतिदिन 35 से 40 लाख रुपये तक की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।

अब जांच एजेंसियां इसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और हवाला कनेक्शन की जांच कर रही हैं।


IPS किरन यादव की सफलता से मिलने वाली सीख

किरन यादव की यात्रा यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता।

उनकी सफलता से युवाओं को कई महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं—

  • सुरक्षित नौकरी होने के बावजूद अपने सपनों का पीछा करें।
  • निरंतर मेहनत और अनुशासन सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
  • शिक्षा कभी व्यर्थ नहीं जाती।
  • कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य पर फोकस बनाए रखें।
  • समाज और देश की सेवा सबसे बड़ा सम्मान है।

IPS किरन यादव प्रोफाइल (Quick Facts)

विवरणजानकारी
नामकिरन यादव
जन्म3 मई 1987
गृह जनपदसुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश
शिक्षाB.Com (Honours), E-Commerce, CA
पूर्व नौकरीCAG कार्यालय में ऑडिटर
UPSC वर्ष2020
UPSC रैंकAIR 392
IPS बैच2021
कैडरउत्तर प्रदेश
वर्तमान पदADCP (Crime), लखनऊ

निष्कर्ष

IPS किरन यादव की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। CAG में ऑडिटर की सरकारी नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी करना और देश की प्रतिष्ठित पुलिस सेवा में स्थान हासिल करना उनके दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

आज वह उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने वाली तेजतर्रार अधिकारियों में गिनी जाती हैं। लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा उनकी पेशेवर क्षमता और नेतृत्व का एक मजबूत उदाहरण है।

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